मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने मुलुंड स्थित स्लम पुनर्वास प्राधिकरण (SRA) परियोजना से जुड़े कथित 77.80 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में RRD हाइट्स एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड तथा उसके तीन निदेशकों—मेहुल गोसर, पियूष गोसर और दीपक गोसर—के खिलाफ FIR दर्ज की है।
यह मामला निर्मल लाइफस्टाइल प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से उसके वरिष्ठ महाप्रबंधक (भूमि एवं विधिक) तथा अधिकृत प्रतिनिधि मिलिंद धनावड़े द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।
शिकायत के अनुसार यह विवाद मुलुंड (पश्चिम) के गवानपाड़ा, नाहुर गांव स्थित SRA परियोजना से संबंधित है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने वर्ष 2010, 2016 और 2018 में दोनों पक्षों के बीच हुए समझौता ज्ञापनों (MoU) की शर्तों और नियमों का पालन नहीं किया।
अंतिम समझौते के अनुसार RRD हाइट्स एंड बिल्डर्स प्रा. लि. को परियोजना का विकास कर पुनर्वास फ्लैट, बिक्री योग्य फ्लैट, 39,659.54 वर्ग फुट कार्पेट क्षेत्र तथा तय की गई नकद राशि निर्मल लाइफस्टाइल प्रॉपर्टीज प्रा. लि. को सौंपनी थी।
हालांकि शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बिल्डर ने 52 पुनर्वास फ्लैट आवंटित नहीं किए, निर्मल लाइफस्टाइल के लिए आरक्षित एक फ्लैट किसी तीसरे पक्ष को बेच दिया और 2,600 वर्ग फुट कार्पेट क्षेत्र के बजाय 416 वर्ग फुट कम क्षेत्रफल वाला फ्लैट सौंपा।
इसके अलावा शिकायतकर्ता का आरोप है कि 8.92 करोड़ रुपये की सहमत भुगतान राशि में से केवल 3.70 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया गया, जबकि लगभग 5.22 करोड़ रुपये की राशि अब भी बकाया है।
इन कथित उल्लंघनों के आधार पर निर्मल लाइफस्टाइल प्रॉपर्टीज प्रा. लि. ने दावा किया है कि उसे कुल 77.80 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली है और मामले की आगे की जांच जारी है।
